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Homemade Multigrain Atta : पोषक तत्वों का भंडार है मल्टीग्रेन आटा, घर पर बनाने का आसान तरीका

Homemade Multigrain Atta : आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो चुके हैं। बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच अब लोग पारंपरिक खानपान की ओर लौट रहे हैं। इसी कड़ी में मल्टीग्रेन आटा (Multigrain Atta) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। खास बात यह है कि इसे आप आसानी से घर पर भी तैयार कर सकते हैं, जिससे इसकी शुद्धता और पोषण दोनों सुनिश्चित रहते हैं।

मल्टीग्रेन आटा क्या होता है?

मल्टीग्रेन आटा कई प्रकार के अनाजों और दालों को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें आमतौर पर गेहूं के साथ जौ, बाजरा, मक्का, चना, सोयाबीन और रागी जैसे अनाज शामिल किए जाते हैं। यह मिश्रण शरीर को संतुलित पोषण देने में मदद करता है।

घर पर मल्टीग्रेन आटा बनाने का आसान तरीका

अगर आप शुद्ध और पौष्टिक आटा चाहते हैं, तो इसे घर पर बनाना सबसे अच्छा विकल्प है।

सामग्री (Ingredients)
गेहूं – 5 किलो
जौ – 1 किलो
बाजरा – 1 किलो
मक्का – 500 ग्राम
चना – 500 ग्राम
सोयाबीन – 250 ग्राम
रागी – 250 ग्राम


बनाने की विधि


सभी अनाजों को अच्छे से साफ करें।
धूप में 1-2 दिन सुखा लें ताकि नमी खत्म हो जाए।
चाहें तो हल्का सा भून सकते हैं (खासकर चना और सोयाबीन)।
अब सभी अनाजों को मिलाकर चक्की में पिसवा लें।
तैयार आटे को एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।


मल्टीग्रेन आटे के फायदे

  1. पोषक तत्वों से भरपूर

इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को संपूर्ण पोषण देते हैं।

  1. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

फाइबर की अधिक मात्रा होने के कारण यह पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है।

  1. वजन घटाने में मददगार

मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती।

  1. डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी

यह धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

  1. दिल की सेहत के लिए अच्छा

इसमें मौजूद फाइबर और पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

किन लोगों को मल्टीग्रेन आटा जरूर खाना चाहिए?


डायबिटीज के मरीज
वजन कम करने वाले लोग
पाचन समस्या से परेशान लोग
फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग


ध्यान रखने वाली बातें


अनाज की मात्रा संतुलित रखें, ज्यादा मिश्रण से स्वाद प्रभावित हो सकता है।
बच्चों के लिए हल्का और कम फाइबर वाला मिश्रण रखें।
आटा ज्यादा दिनों तक स्टोर न करें, ताजा आटा ही इस्तेमाल करें।
अगर किसी अनाज से एलर्जी है, तो उसे मिश्रण में शामिल न करें।

मल्टीग्रेन आटा केवल एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर बढ़ता कदम है। घर पर तैयार किया गया मल्टीग्रेन आटा शुद्ध, सुरक्षित और अधिक पौष्टिक होता है। अगर आप अपने परिवार की सेहत को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आज से ही सामान्य आटे की जगह मल्टीग्रेन आटे को अपनाएं

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